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Thursday, April 28, 2011

थैक्यू मिस्टर डेनिस लिली


वन डे क्रिकेट में 18 हजार से ज्यादा रन, टेस्ट में लगभग 15 हजार रन, टेस्ट व वन डे में कुल जमा 99 शतक, क्रिकेट वर्ल्ड कप का खिताब और भी दर्ज़नों रिकार्ड सचिन तेंडुलकर के नाम नहीं होते यदि आस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज डेनिस लिली नहीं होते। सचिन क्रिकेट की दुनिया में आज जो मुकाम हासिल किया है, उसमे उनकी प्रतिभा, मेहनत, समर्पण के साथ डेनिस लिली की नेक सलाह का भी अहम योगदान है। लिली ही थे जिन्होंने सचिन को गेंद के बजाए बल्ला थामने की सलाह दी थी। लिली राह नहीं दिखाते तो मराठी कवि का यह बेटा शायद मुंबई के लाखों क्रिकेटरों की तरह गुमनामी में खोकर रह जाता।

सचिन की उम्र महज 13 साल थी तब उनकी आंखों में तेज गेंदबाज बनने का ख्वाब पल रहा था। दुनिया के तेज गेंदबाजों में अपने बल्लेबाजी से खौफ़ पैदा करने वाले सचिन खुद तेज गेंदबाज बनकर बल्लेबाजों को दहलाना चाहते थे। भला हो डेनिस लिली का जिन्होने सचिन को गेंदबाज की बजाए बल्लेबाज बनने की सीख दी। लिली की यह सलाह 22 साल से पूरी दुनिया के गेंदबाजों के लिए सिरदर्द साबित हो रही है। इतना ही नहीं लिली के देश के सर्वकालिक महान स्पिनर शेन वार्न को तो सचिन सपनों में भी डराते थे।

पांच फुट पांच इंच का सचिन क्रिकेट के मैदान पर नित नए उंचाई छू रहा है, लेकिन इस हीरे को उनके गुरू रमाकांत आचरेकर के अलावा किसी जौहरी ने परखा तो वह डेनिस लिली ही थे। सचिन के लिए भी लिली की सलाह को नजरअंदाज करना आसान नहीं था। लिली सचिन के लिए क्या मायने रखते है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब 15 साल की उम्र में सचिन ने पहली बार उनकी गेंद का सामना किया था। सचिन इतने उत्साहित थे कि उन्होंने सीधे अपने भाई अजीत से फोन पर बात की और उन्हें बताया था कि लिली ने मेरे खिलाफ गेंद फेंकी।

डेनिस लिली यदि सचिन तेंडुलकर को रिजेक्ट नहीं करते तो केवल भारत ही नहीं दुनिया का क्रिकेट इतिहास शायद ही इतना गौरवशाली होता। क्रिकेट को भले ही धर्म माना जाता लेकिन क्रिकेट प्रेमियों को इबादत के लिए भगवान शायद ही मिलता। क्रिकेट प्रेमियों को 22 साल से भगवान को दुनिया के अलग अलग मैदानों में चमत्कार देखने को मिल रहे तो इसके लिए उन्हें डेनिस लिली का शुक्रगुजार होना चाहिए।

अंत में डेनिस लिली के शब्दों में ही जान लेते है कि सचिन की बल्लेबाजी के मायने उनके लिए क्या है
यदि मैं सचिन को गेंदबाजी करता तो मैं जरूर हेलमेट लगाकर गेंदबाजी करता क्योंकि वह गेंद पर जबर्दस्त प्रहार करते हैं।